STEM Learning और Brillio ने इस यात्रा को “STEM शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक” बताया
मुंबई (नई पीढ़ी की आवाज): देश की सबसे बड़ी समावेशी STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) प्रतियोगिता — नेशनल STEM चैलेंज (NSC) 2024-25 का पांचवां ग्रैंड फिनाले 18–19 अगस्त 2025 को मुंबई के रविंद्र नाट्यमंदिर में आयोजित होगा। दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर की 500 से अधिक स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं अपने रचनात्मक, समस्या-समाधान और इंजीनियरिंग कौशल को लाइव STEM मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शित करेंगे।
कक्षा से राष्ट्रीय मंच तक
NSC अब नवाचार का राष्ट्रीय उत्सव बन चुका है। स्थानीय क्लस्टर स्तर से लेकर ज़ोनल शोकेस तक, हज़ारों छात्रों ने STEM अवधारणाओं का उपयोग करते हुए वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत किया है। अब सभी की निगाहें मुंबई पर टिकी हैं, जहां शीर्ष फाइनलिस्ट अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे, सहयोग, जिज्ञासा और रचनात्मकता की भावना को जीवंत रखेंगे।
विशेष अतिथि और प्रेरणा के स्रोत
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। शिक्षा, तकनीक और युवा सशक्तिकरण में उनके योगदान को देखते हुए, उनकी उपस्थिति प्रतिभागियों को यह प्रेरणा देगी कि उनके नवाचार भारत के विकास में कैसे सहायक हो सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में Brillio के चीफ डिलिवरी ऑफिसर संदीप राणे मौजूद रहेंगे। तकनीकी क्षेत्र में 27 वर्षों का अनुभव और डिजिटल परिवर्तन पर उनकी दृष्टि, युवा इनोवेटर्स के लिए दिशा-निर्देश का कार्य करेगी।

स्पीडी कार चैलेंज – आकर्षण का केंद्र
18 अगस्त को होने वाले स्पीडी कार चैलेंज में 10 छात्र-निर्मित कारें एक रोमांचक ट्रैक पर प्रतिस्पर्धा करेंगी। इसमें डिजाइन, गति अनुकूलन और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा।
देशभर से प्रतिनिधित्व
NSC 2025 के फाइनलिस्ट दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, पंजाब, सिक्किम, असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से चुने गए हैं।
अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स का निर्माण
NSC जैसी प्रतियोगिताएं भविष्य के भारतीय नवप्रवर्तकों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाती हैं। व्यावहारिक शिक्षा, टीमवर्क और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अनुभव, कक्षा और वास्तविक दुनिया के बीच की दूरी को कम करता है।

CSR और STEM शिक्षा
कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) भारत में STEM शिक्षा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण साधन बनता जा रहा है, खासकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में। कई कंपनियां अपने CSR फंड का इस्तेमाल आधुनिक शिक्षा उपकरण, रोबोटिक्स किट, विज्ञान प्रयोगशालाएं और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए कर रही हैं। नेशनल STEM चैलेंज जैसे उपक्रम, CSR के सहयोग से, छात्रों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने, तकनीकी करियर के लिए तैयार होने और भारत की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में योगदान देने के लिए सक्षम बनाते हैं।
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(नई पीढ़ी की आवाज)