चक्रधर समारोह 2025: परंपरा से हटकर प्रशासनिक आयोजन? – आम आदमी पार्टी ने उठाई आवाज

आयोजन समिति गठित नहीं करना, सार्वजनिक बैठक न करना घोर निंदनीय

by Bhanu Pratap Mishra

रायगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा – आम आदमी पार्टी

रायगढ़ (नई पीढ़ी की आवाज) । छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण चक्रधर समारोह 2025 को लेकर आम आदमी पार्टी रायगढ़ ने तीव्र आपत्ति दर्ज करते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन से स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब माँगा है और यह कहा है कि जिस परंपरा और सम्मान के साथ यह आयोजन वर्षों से रायगढ़ की जनता, कलाकारों और संगीतप्रेमियों के सहयोग से होता रहा है, उसे इस बार पूर्णतः दरकिनार कर दिया गया है । संगीतज्ञ महाराजा चक्रधर जी की स्मृति में आयोजित होने वाला वार्षिक समारोह की परंपरा जनसहयोग से ही कायम रही है। जिला प्रशासन की क्षुद्र हरकतों से चक्रधर समारोह की गरिमा को निरंतर ठेस पहुँच रही है।

आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में आज कलेक्टर पहुँच कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर रायगढ़ जिलाध्यक्ष गोपाल बापोड़िया, प्रवक्ता रुसेन कुमार, अरुण अग्रवाल, अमित दुबे, कौशल प्रसाद सिंह, हिमांशु सिंह, सरिता टंडन, अभिषेक कुमार, सोबिना अंसारी, प्रमोद पांडेय, चंद्र प्रकाश सूर्या, रविकांत पन्ना सहित अनेक कार्यकर्तागण उपस्थित थे।

परंपराओं की अवहेलना: समिति गठन क्यों नहीं किया गया?

ज्ञापन में कहा गया है कि अब तक की परंपरा के अनुसार, चक्रधर समारोह 2025 जैसे गरिमामयी आयोजन की रूपरेखा तय करने से पूर्व कलाकार चयन समिति, स्वागत समिति, खेल आयोजन समिति, सांस्कृतिक समिति आदि का गठन होता रहा है, जिनमें रायगढ़ के वरिष्ठ जन, कलाप्रेमी नागरिक, और अनुभवी सांस्कृतिक कार्यकर्ता सम्मिलित रहते थे। ये समितियाँ जनसहभागिता और आयोजन की गरिमा सुनिश्चित करती थीं। लेकिन इस वर्ष पहली बार ऐसा हुआ है कि न तो कोई समिति बनाई गई और न ही किसी प्रकार की सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित की गई। सवाल यह है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि प्रशासन को परंपराओं और जनसम्मान की जरूरत ही नहीं समझ में आई? क्यों केवल चंद अफसर अब इस पूरे आयोजन की दिशा और निर्णयों के एकछत्र अधिकारी बन बैठे हैं? स्थानीय प्रशासन को यह नहीं भूलना चाहिए कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की जनता का आयोजन है, रायगढ़ के कलाकारों और नागरिकों की सांस्कृतिक धरोहर है — न कि अधिकारियों के निजी ब्रांडिंग का प्लेटफॉर्म। इस आयोजन को नौकरशाही की तिजोरी में बंद कर देना न केवल जनता के आत्मसम्मान का अपमान है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा पर भी प्रहार है।

जनविरोधी तरीके से की जा रही है आयोजन की रूपरेखा तय

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि चक्रधर समारोह की तैयारी और रूपरेखा तय करने में न तो कोई सार्वजनिक बैठक बुलाई गई, न ही स्थानीय गुणीजनों, पत्रकारों, सांस्कृतिक संस्थाओं, संगीत प्रेमियों, या पूर्व के सहयोगकर्ताओं, सेवा प्रदाताओं से कोई पूछपरख परामर्श लिया गया। यह घोर अपमान है उस सांस्कृतिक विरासत का, जिसे वर्षों से रायगढ़ की जनता ने सहेजा और संवारा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन की ऐसी गैरजिम्मेदाराना हरकत से रायगढ़ की जनता का नाराज होना स्वाभाविक है।

क्या यह कार्यक्रम अब रायगढ़ के जनमानस का नहीं रहा? क्या यह केवल कलेक्टर महोदय का निजी आयोजन बन गया है, जिसमें आम राय की कोई आवश्यकता ही नहीं रही?

आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सरकार ऐतिहासिक चक्रधर समारोह को अपने नेताओं और अफसरों की छवि चमकाने के लिए उपयोग करने से बाज आए।

जनता की भागीदारी के बिना कैसा संगीत आयोजन ?

यह पूछना जरूरी है कि आखिर जनता को इस सांस्कृतिक उत्सव से बाहर रखने की इतनी जल्दबाज़ी क्यों है? यह सब किसके इशारे पर किया जा रहा है ? क्या स्थानीय सांसद, विधायक और महापौर को ऐतिहासिक चक्रधर समारोह की गरिमामयी परम्परा नहीं मालूम? क्या सरकार को रायगढ़ के सांस्कृतिक आत्मसम्मान से कोई सरोकार नहीं है? चक्रधर समारोह में स्थानीय सहयोग और सहभागिता हमेशा इसकी आत्मा रही है। उसे निकाल देने का दुस्साहस केवल वही कर सकता है, जिसे जनता की भावनाओं की कद्र नहीं।

आम आदमी पार्टी का स्पष्ट कहना है कि यदि जनता को दरकिनार कर के यह आयोजन किया गया, तो रायगढ़ की जागरूक जनता इस आयोजन का बहिष्कार करेगी। यह अपमान बर्दाश्त नहीं होगा।

धनराशि और खर्च का हिसाब तुरंत सार्वजनिक किया जाए

पार्टी ने सवाल उठाया है कि चक्रधर समारोह 2025 के लिए कहाँ से कितना फंड प्राप्त हुआ है, किससे चंदा लिया गया है, और पिछले वर्षों में किसे कितना भुगतान किया गया, इन सभी सवालों पर अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। पार्टी का आरोप है कि इस समारोह के माध्यम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की आशंका है। जनता को जानकारी न देना बहुत बड़ा अपराध है।

ऐतिहासिक परंपरा को नष्ट करके सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश

आम आदमी पार्टी रायगढ़ यह मानती है कि चक्रधर समारोह कोई सरकारी खानापूर्ति नहीं, बल्कि रायगढ़ की संस्कृति, कला और संगीत का जीवंत उत्सव है। यह रायगढ़ की कला प्रेमी जनता का अपना सांगीतिक धरोहर है। सैकड़ों कलाप्रेमी यहाँ कला सीख रहे हैं । इस उत्सव को केवल सरकारी प्रोटोकॉल और नौकरशाही की सीमा में बांधना, एक ऐतिहासिक गरिमा की हत्या करने जैसा है।

आम आदमी पार्टी स्थानीय सांसद, राज्यसभा सांसद, छत्तीसगढ़ सरकार, स्थानीय कलेक्टर, स्थानीय विधायक, और जिला प्रशासन से यह पूछती है कि

  • क्या उनकी सरकार रायगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को खत्म करना चाहती है?
  • क्या रायगढ़ की जनता की भूमिका सिर्फ दर्शक बनकर रह जाएगी?
  • क्या यह आयोजन अब केवल “आर्डर-फॉलोइंग अफसरों” की हठधर्मिता तक सीमित हो जाएगा?

आम आदमी पार्टी माँग करती है कि

  1. चक्रधर समारोह 2025 में सार्वजनिक बैठक नहीं करने का कारण जनता को बताए। किसके कहने पर गणमान्य और कलाप्रेमियों को बैठकों से बाहर रखा गया।
  2. फंडिंग, स्पॉन्सरशिप, और खर्च की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत प्रकाशित की जाए।
  3. पिछले वर्षों का चक्रधर समारोह का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाये।

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी देते हुए कहा कि रायगढ़ की जनता अब जाग चुकी है। वह अपने सांस्कृतिक अधिकारों, सांगीतिक परंपराओं, और जनभागीदारी के अपमान को माफ नहीं करेगी। यदि शासन और प्रशासन अपनी तानाशाही नहीं रोकते हैं, तो यह जनविरोध और गहराएगा। चक्रधर समारोह की गरिमा हमारी धरोहर है – इसे कोई भी सत्ता, अफसर या चंद लोग अपनी संपत्ति समझने की गलती न करें।

(कापीराइट – नई पीढ़ी की आवाज)

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