ट्रिपिंग और बिजली की आवाजाही से लाखों के नुकसान का आरोप, शिकायतों के बीच 185 सदस्यों वाला व्हाट्सएप ग्रुप किया डिलीट
रायगढ़ – बिजली की लगातार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज, हाई-वोल्टेज और वायर ब्रेकिंग जैसी समस्याओं से परेशान रायगढ़ जिले के हाई टेंशन उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए बनाया गया व्हाट्सएप ग्रुप अब चर्चा का विषय बन गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि लगातार बढ़ रही शिकायतों और विभाग के प्रति बढ़ती नाराजगी के बीच बिजली विभाग ने समस्या का समाधान करने के बजाय एच.टी. (हाई टेंशन कंज्यूमर) नामक व्हाट्सएप ग्रुप ही डिलीट कर दिया।
बताया गया कि इस ग्रुप में करीब 185 उपभोक्ता सदस्य जुड़े हुए थे। हाई टेंशन उपभोक्ता इस ग्रुप के माध्यम से हाई-वोल्टेज, लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग, बिजली के तार टूटने सहित अन्य विद्युत समस्याओं की जानकारी विभाग तक पहुंचाते थे। विभागीय कर्मचारी और अधिकारी इन शिकायतों के आधार पर समस्या का निराकरण करने का प्रयास करते थे, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलती थी।
लगातार ट्रिपिंग से बढ़ा उपभोक्ताओं का आक्रोश
पिछले कुछ दिनों में बिजली की बार-बार आवाजाही और ट्रिपिंग के कारण विद्युत उपकरणों एवं मोटरों के खराब होने की घटनाएं बढ़ने का दावा उपभोक्ताओं ने किया है। औद्योगिक एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के अनुसार, इसका असर केवल मशीनों और उपकरणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रोडक्शन प्रभावित होने के साथ आर्थिक नुकसान भी बढ़ता गया।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जब नुकसान लगातार बढ़ने लगा तो उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप में विभाग के सामने कड़े शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। उनका आरोप है कि शिकायतों का समाधान करने के बजाय विभाग ने कुछ समय बाद पूरा ग्रुप ही डिलीट कर दिया।
‘शिकायतें बंद करने से समस्या खत्म नहीं होगी’
उपभोक्ताओं का कहना है कि व्हाट्सएप ग्रुप उनके लिए बिजली विभाग तक अपनी समस्या तत्काल पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम था। ग्रुप के हटाए जाने से उपभोक्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर शिकायतों को सुनने और उनका निराकरण करने के बजाय शिकायत दर्ज कराने का माध्यम ही क्यों बंद कर दिया गया।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बार-बार बिजली की ट्रिपिंग से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में उनका कहना है कि विभाग को शिकायतों पर कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारनी चाहिए, न कि शिकायतों के माध्यम को ही खत्म करना चाहिए।
बिल की अंतिम तिथि की जानकारी, लेकिन शिकायत पर इंतजार?
उपभोक्ताओं ने कोड़ातराई क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विभाग की ओर से बिजली बिल के भुगतान की अंतिम तिथि की जानकारी समय पर भेजी जाती है, लेकिन जब बिजली संबंधी गंभीर समस्या की शिकायत करनी होती है तो उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उपभोक्ताओं ने विभाग के टोल-फ्री नंबर 1912 को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए फोन करने पर लंबे समय तक क्यू में रखा जाता है और कई बार करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।
अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
बिजली व्यवस्था को लेकर नाराज उपभोक्ताओं ने विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से जिम्मेदार पदों पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली के कारण समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं हो पा रहा है।
हालांकि, इन आरोपों पर बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। विभाग की ओर से यदि व्हाट्सएप ग्रुप डिलीट किए जाने और लगातार ट्रिपिंग से जुड़ी शिकायतों पर कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है, तो वह भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।
अब उठ रहे कई सवाल
185 सदस्यों वाले उपभोक्ता समूह के डिलीट होने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं—क्या बिजली संबंधी शिकायतों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है? लगातार ट्रिपिंग से उपकरणों और उत्पादन को हुए कथित नुकसान का जिम्मेदार कौन है? 1912 पर शिकायत दर्ज कराने में उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी का समाधान कब होगा? और सबसे बड़ा सवाल यह कि जब उपभोक्ता अपनी समस्या विभाग तक पहुंचा रहे थे, तो शिकायतों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप को ही क्यों डिलीट किया गया?
अब उपभोक्ताओं की नजर बिजली विभाग की ओर से इन सवालों पर दिए जाने वाले जवाब और बिजली व्यवस्था में सुधार की कार्रवाई पर टिकी हुई है।